ग्रीन टी : दिल और दिमाग का दोस्त !



आज की भागमभाग ज़िन्दगी में हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाये रखनी चाहिए। हर समय खुद को तरोताजा और तंदुरुस्त रखने के लिए खान-पान का अहम रोल है। खान-पान में भी प्राथमिकता यह कि वो प्राकृतिक स्रोतों से हो। ऐसे में ग्रीन टी एक जरुरी नाम है जो दुनियाभर में सबसे अधिक प्रचलित स्वास्थ्य जनक पेय है। ग्रीन टी दिल से लेकर दिमाग के स्वास्थ्य और वजन घटाने में भी कारगर माना जाता है।

सभी प्रकार की चाय कैमेलिया सिनेंसिस के पौधों से ही प्राप्त की जाती है। निर्माण की अलग-अलग प्रक्रिया से सबमें अलग-अलग गुण और स्वाद के कारण अलग-अलग नामों से जानी जाती है।

जैसा कि हम पिछले ब्लॉग में सीटीसी चाय पर विस्तार से चर्चा कर चुके हैं, उसी कड़ी में आज हम ग्रीन टी पर बात करने वाले हैं।

पढ़ें-

चाय की पत्ती, क्या कुछ कहती !

ग्रीन टी: एक परिचय

ग्रीन टी एक प्रकार की चाय है, जिसमें सीटीसी चाय के मुकाबले ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट और पौष्टिक तत्व मिलते हैं क्योंकि इसको तैयार करते समय ऑक्सिडेशन की प्रक्रिया से नहीं गुजारा जाता है। बागानों से पत्ती चुनने के महज 7 से 12 घण्टों के बीच में ही इसको प्रोसेस करना पड़ता है।  1738 ई॰ पू॰ जापान में नागतानी सोएन द्वारा उजी विधि से चाय बनाने का प्रयोग किया गया था जिसमें चाय की पत्तियों को रोल किया जाता है।




ग्रीन टी के प्रकार-

बाजार में आपको कई प्रकार की ग्रीन टी मिल जाएगी पर सामान्यतः प्रचलित चाय निम्न है -

  • ·        सेंचा ग्रीन टी (Sencha Green Tea)
  • ·        माचा ग्रीन टी (Matcha Green Tea)
  • ·        गनपावडर ग्रीन टी (Gunpowder Green Tea)

सेंचा ग्रीन टी: यह जापान की लोकप्रिय चाय है। सेंचा की पत्तियों को गरम पानी में मिलाकर तैयार किया जाता है। सेंचा को ग्रीन टी का राजा कहा जाता है।

माचा ग्रीन टी: माचा चाय पावडर के रूप मे होती है। बागानों से पत्ती चुनने के बाद प्रोसेस करके इसका पावडर बना लिया जाता जाता है।

गनपावडर ग्रीन टी: गनपावडर चाय चीन की लोकप्रिय चाय है। इसे बनाने के लिए पत्तियों को प्रोसैस कर गोली जैसा आकार दिया जाता है।  




हर्बल चाय: 

यहाँ पर हर्बल टी के बारे में भी कुछ बात करनी जरूरी है विस्तार से किसी और ब्लॉग में चर्चा करेंगे। हर्बल टी जो कि ग्रीन टी के मुक़ाबले ही लोकप्रिय और स्वास्थ्य जनक है परंतु इनमें मुख्य अंतर चाय का होना है। हर्बल टी ग्रीन टी नहीं होती है। हर्बल चाय की श्रेणी में कई पेय आते हैं (जैसे ; लैवेंडर, कैमोमाइल, रूइबोस, लेमन ग्रास एवं अन्य) जो कि मूलतः आसव हैं। आसव फलों, जड़ी-बूटियों और पत्तों को पानी में गरम गरम करके बनाए जाते हैं। कई मामलों में हर्बल आसव ग्रीन टी से बेहतर होते हैं।

ग्रीन टी बनाने की विधि:  

घर पर ग्रीन टी बनाने की विधि बहुत ही सरल है और बहुत ही कम समय में बन जाती है।

  • ·        आवश्यकता अनुसार पानी लें और गरम कर लें। ध्यान रहे पानी उबालना नहीं है।
  • ·        गरम पानी में आवश्यकतानुसार ग्रीन टी की मात्रा डालें और 2-4 मिनट तक रख दें, जब तक रंग और स्वाद पानी में घुल जाए।
  • ·        स्वाद के लिए शहद या निम्बू मिला सकते हैं। ध्यान रखें चीनी कभी मिलाएं।

ग्रीन टी को पीने का सही समय:

बेहतर उपयोग और स्वास्थ्य लाभ के लिए ग्रीन टी को सही समय पर पीना चाहिए ताकि अधिकतम फायदा मिल सके।

नास्ते या दिन के खाने के एक घण्टे बाद ग्रीन टी पीनी चाहिए

सुबह खाली पेट ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए, इससे एसिडिटी होने के चांस रहते हैं

सोने से पहले ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए क्योंकि इसमें कैफीन होता है जिस कारण आपको नींद नहीं आएगी।




ग्रीन टी के लाभ:

दिल के लिए चमत्कारिक: ग्रीन टी दिल(हृदय) के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसमें पाया जाने वाला 'कैटेचिननाम का एंटीऑक्सिडेंट कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित रखता है और साथ ही रक्तचाप(Blood Pressure) को भी सामान्य रखता है। जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम रहता है।

दिमाग के लिए लाभकारी: ग्रीन टी का सेवन दिमाग(मस्तिष्क) के लिए लाभकारी होता है इसमें पाये जाना वाला 'एल-थियानीन' नाम का कैफीन मानसिक थकान को कम करने के साथ-साथ ध्यान और याद रखने की क्षमता को भी बढ़ाता है। ग्रीन टी का नियमित सेवन हमारे नर्वस सिस्टम के लिए भी लाभकारी रहता है।

इम्युनिटी बूस्ट करने में मददगार: ग्रीन टी का सेवन इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए भी किया जाना है इसमें पाये जाने वाले 'पॉलीफेनोल्स' और 'फ्लेवोनॉयड्स' हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करते हैं। खाँसी, जुखाम और संक्रामक बीमारियों में भी ग्रीन टी का सेवन फायदेमंद रहता है।

त्वचा के लिए लाभदायक: ग्रीन टी का सेवन त्वचा(स्किन) के लिए भी फायदेमंद रहता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते हैं जो हमारी स्किन को हेल्दी बनाये रखने में मदद करते है

वजन कम करने में सहायक: ग्रीन टी का सेवन वजन कम करने में सहायक होता है। इसमें पाये जाने वाला 'कैटेचिन' नाम का एंटीऑक्सीडेंट मेटाबोलिज्म को बढ़ाने में सहायता देता है। जिसमे हमारे शरीर में इकट्ठा फैट बर्न होने लग जाता है और वजन भी कम होता है।

ग्रीन के नुकसान:

ग्रीन टी के फायदों के साथ-साथ नुकसान भी हैं। एक दिन में दो बार ही ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए, अधिक सेवन आपको नुकसान कर सकता है। इसमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है जो कि अनिंद्रा, चिड़चिड़ापन और सरदर्द का कारण बन सकता हैं।

 

ग्रीन टी की चुस्कियां लेते रहें, स्वस्थ रहें।

मिलते हैं अगले ब्लॉग में-

Comments