दीवाली, सफाई और सजावट !

 


दीपमालाओं के पर्व दीवाली का सबको बेसब्री से इंतजार रहता है और महीने भर पहले से ही त्योहार की तैयारियां करने के लिए जुट जाते है। वैसे देखा जाय तो दीवाली पर्व एक बहुआयामी पर्व हैअपने अंदर झांकने से लेकर नए बदलाव लाने का यह पर्व सिर्फ रस्मी न रह जाय इसलिए रचनात्मक और कलात्मक प्रयोग जरूर किये जाने चाहिए।

दीवाली की मुख्य तैयारी में घर की अंदर और बाहर की सफाई और उसके बाद घर सजाना है। घर को सजाने के लिए आजकल बाजार में बहुत सारे सजावटी आईटम उपलब्ध हैं लेकिन उनकी कीमतें भी बहुत अधिक होतीं हैं।

सजावटी सामानों को हम घर पर भी खुद बना सकतें हैं । ऑनलाइन प्लेटफॉर्म(यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक) पर बहुत सारे चैनल क्राफ्ट और सजावटी सामान बनाना सिखाते हैं। और बाज़ार से क्राफ्ट मैटेरियल सस्ती कीमतों पर भी मिल जाते हैं। अगर आपके बच्चे अभी छोटी उम्र के हैं तो उनको भी क्राफ्ट सिखाकर उनके हुनर को भी बढ़ा सकते हैं। बच्चे रंगों और क्रिएटिव तरीकों के प्रति जल्दी प्रभावित होते हैं और जल्दी सीख भी जाते हैं। जो कि एक शानदार विकल्प है और बहुआयामी पहल भी है।

बच्चे क्या-क्या सजावट में सहयोग कर सकतें हैं?

1.      रंगोली

2.      दियों को रंगना

3.      गुलदस्ते बनाना

4.      कागज के फूल बनाना

5.      कागज से अन्य सजावटी सामान बनाना

 


रिश्तेदारों, मित्रों और सगे-संबंधियों को गिफ्ट और मिठाइयां भेजना भी दीवाली का एक अहम हिस्सा है। आप अपने और बच्चों द्वारा तैयार क्रिएटिव क्राफ्ट आईटम को भी बतौर गिफ्ट दे सकते हैं जिससे एक अगल ही अनुभव होगा। मिठाई और मिठाई उत्पाद आजकल बाजार में मिलावटी मिलता हैत्योहारी मौसम में अधिक खपत होने के कारण बाजार में मिठाइयों की गुणवत्ता संदेह में रहती है। इससे बचने के लिए आप घर पर ही कुछ पारंपरिक मिठाई तैयार कर सकते हैं।



आज के दौर में त्योहारों पर बाजार का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। हमारे त्योहार परंपराओं से कटते जा रहे हैं। ऐसे में हमें पारंपरिक सजावट, पारंपरिक मिठाई और पारंपरिक भोज्य पदार्थों की ओर जाना चाहिए। अगर हम त्यौहार को बाजार से कम और परंपराओं से ज्यादा जोड़ पातें हैं तो इसका सबसे बड़ा फायदा प्रकृति को होगा और साथ में हमारे अंदर रचनात्मक विकास भी होगा।

आप रचनात्मक बने रहिये, इसी आशा के साथ अगले ब्लॉग में मिलते हैं कुछ और बातों के साथ।

धन्यवाद

Comments

Anonymous said…
बढ़िया
Anonymous said…
बहुत सुंदर लेख
Anonymous said…
बढ़िया जी
Anonymous said…
सुन्दर लेखनी
Anonymous said…
कुछ लोग दीपावली में दूधिया रोशनी के बल्ब के बाहर से लाल नीली हरी पीली पन्नियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं 🙂
बहुत बहुत धन्यवाद
बहुत बहुत धन्यवाद
बहुत बहुत धन्यवाद
बहुत बहुत धन्यवाद