हम सब चाय प्रेमी हैं, तो आइये जानते हैं चाय के बारे में कुछ रोचक और विविधता भरी बातें।
चाय भारतभर ही नहीं दुनिया में एक मुख्य पेय है। चाय के प्रति दीवानगी का आलम ये है कि थोड़ी सी भी फुरसत मिली नहीं कि हम चाय उबाल लेते हैं या किसी खोखे-दुकान पर चाय पीने चले जाते हैं। चाय की चुस्कियां जहां हमें तरोताज़ा करती हैं वहीं चाय का हमारे स्वास्थ्य से भी लेना-देना है। आज हम आम चाय की कुछ तहों को खोलते हैं-
चाय मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं
1. आर्थोडॉक्स
2. सी. टी. सी.
3. ग्रीन टी
आम तौर पर सी. टी. सी. चाय ही ज्यादा प्रचलित है। आर्थोडॉक्ट और ग्रीन टी पर किसी अन्य ब्लॉग में बातें करेंगे, आज की बातें सी. टी. सी. चाय पर ही केंद्रित रहेंगी।
सी. टी. सी चाय जिसे मसाला चाय या काली चाय भी बोलते हैं, जो कि मशीन द्वारा बनाई जाती है। सी. टी. सी मशीन में तीन प्रकार की प्रक्रियाओं से गुजरकर चाय तैयार की जाती है, जो कि निम्न हैं-
1.
क्रश (Crush)
2.
टियर (Tear)
3.
कर्ल (Curl)
क्रश, टियर और कर्ल चरणों के कारण ही इस चाय का नाम सी. टी. सी चाय पड़ा है।
सी. टी. सी चाय का जन्म हमारे ही देश भारत के असम में 1930 के दशक में हुवा। सर विलियम मैककेचर द्वारा ये प्रयोग किया गया था जो कि 1950 के दशक तक दुनियाभर में प्रचलित हो गई।
आज बाजार अनेकानेक ब्रांड्स की चाय से भरा हुआ है। ऐसे में सामान्यतः चाय को सलेक्ट करने में दुविधा रहती है कि कौन असली है और नकली?
सी. टी. सी. चाय को हम कुछ सामान्य से प्रयोगों से भी परख सकते हैं, ताकि घातक और नकली चाय से बच सकें।
1. ठंडे पानी का प्रयोग:
एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच चाय डालें और मिला दें। अगर चाय असली होगी तो पानी में रंग धीरे-धीरे छोड़ेगी। अगर चाय नकली होगी तो एक मिनट से भी कम समय मे पानी का रंग बदल जायेगा।
2. निम्बू के साथ प्रयोग:
एक कांच के बर्तन में निम्बू के रस की कुछ बूंदे डालें और फिर उसमें कुछ दाने चाय की डालिये। अगर चाय असली होगी तो निम्बू के रस का रंग पीला या हरा हो जाएगा। अगर चाय नकली होगी तो निम्बू के रस का रंग नारंगी या कुछ और हो जाएगा।
3. टिशू पेपर के साथ प्रयोग:
एक टिशू पेपर लें और उस पर कुछ चाय के दाने रख दीजिए। अब ऊपर से हल्का सा पानी छिड़ककर धूप में सुखा दीजिए। अगर चाय असली होगी तो टिशू पेपर पर कोई दाग नहीं आएगा। अगर चाय नकली होगी तो टिशू पेपर पर दाग आ जाएंगे।
चाय का चयन करते समय थोड़ी सावधानी बरतकर आप न केवल बेहतर स्वाद का आनंद ले सकते हैं, बल्कि अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रख सकते हैं। बाजार में कई प्रकार की चाय उपलब्ध हैं, और सही जानकारी से ही आप असली चाय की पहचान कर सकते हैं।
अगले ब्लॉग में हम चाय पर कुछ और जानकारी के साथ मिलेंगे। तब तक चाय की चुस्कियों का आनंद लें और शुद्ध चाय का सेवन करें!
धन्यवाद!


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